
धर्मशाला: विधानसभा के दूसरे दिन विपक्ष के द्वारा परिवहन मंत्री जी.एस.बाली से लिखित में पूछे गए प्रश्न कि कितने छात्रों को परिवहन निगम की बसों में फ्री बस सुविधा विभाग द्वारा दी जा रही है का जबाव मांगा गया। जिसका एक खास मुलाकात में जबाव देते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के सभी बच्चों को निगम की बसों में फ्री बस सुविधा प्रदान की है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि कितने छात्रों को यह सुविधा प्रदान की गई है का ब्यौरा दे।
उन्होंने कहा कि यह सभी जानते है कि प्रदेश के अधिकतर गावों में सरकारी शिक्षा संस्थान हैं, जिन में हजारों की संख्या में बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं, जिस कारण इसका अनुमान लगाना परिवहन निगम को मुश्किल है। लेकिन फिर भी परिवहन विभाग को विशेष हिदायत दी गई है कि अगर कोई भी सरकारी स्कूलों का छात्र जो सरकारी स्कूल की वर्दी में है को फ्री बस सुविधा प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि यह काम शिक्षा विभाग का है कि कितने छात्र निगम की बसों में फ्री सुविधा का लाभ उठा रहे है तथा उनकी सूची बनाकर शिक्षा विभाग द्वारा पास जारी किए जाने चाहिए ताकि इस सुविधा का लाभ उठाने वाले छात्रों की संख्या का पता चल सकें।
परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होंगी 1700 नई बसे
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन परिवहन मंत्री को विपक्ष ने घेरते हुए कहा कि प्रदेश के निगम में नई बसे लाने कि योजना पूर्व की भाजपा की सरकार ने बनाई थी। जिससे वर्तमान सरकार अपनी योजना बता रही है। परिवहन मंत्री ने मंगलवार को विस परिसर में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जल्द ही 500 नई बसें नए साल के आरंभ में ही निगम के बेड़े में शामिल कर दी जाएंगी।
भाजपा के आरोपो का कटाकश करते हुए कहा कि इसके अलावा 800 जे.एन.आर.यू.एम. के तहत केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई बसें भी बेड़े में शामिल होंगी तथा इस योजना को परिवहन विभाग द्वारा तीन महीने पहले ही योजना को बनाकर केंद्र सरकार को भेजा गया था। उन्होंने पूर्व की भाजपा सरकार पर आरोप जड़े हुए कहा कि उनके समय में उनकी सरकार ने एक बस का एक नया टायर तक नहीं खरीदा और आज अगर सरकार कार्य कर रही है तो उसमें भी हस्तक्षेप किया जा रहा है। इस के बाद जी.एस.बाली ने कहा कि भाजपा को छात्रों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
साढ़े तीन बसों का भेजा नया प्रोपोजल
प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र सरकार से ओर नई साढ़े तीन सौ बसों का प्रोपोजल भेज दिया गया है और उम्मीद है कि यह साढ़े तीन सौ बसे जल्द ही परिवहन निगम के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। इन साढ़े तीन सौ बसों को मिलाकर परिवहन निगम में तकरीबन 1700 बसों का बेड़े शामिल होगा।
क्या विशेषता है नई बसों में
परिवहन मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार द्वारा कर्ज मौजूदा सरकार को छोड़ा गया था उस समय जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली तो निगम के बेड़े में केवल 700 बसे ही थी। इसके बाद वर्तमान की प्रदेश सरकार ने परिवहन निमग को उभारने के लिए सौ करोड़ का कर्ज लिया। जिसके बाद निगम में नई बसे शामिल होने जा रही है तथा निगम को लाभ प्राप्त हुआ।
तीन टीमों द्वारा किया गया था बसों का निरीक्षण
नई बसों की खेप को सामिल करने से पहले परिवहन मंत्री ने बसों की विशेषताओं की जानकारी देते हुए कहहा कि जब बसे खरीदी जा रही थी, उस समय विभाग द्वारा आम नागरिकों, कंडक्टर व ड्राईवरों तथा मेनेजमेट के अधिकारियों की तीन टीमें भेजी गई थी, जिसके बाद नई बसों में उनके सुझावों के बाद बसों का निर्माण किया गया है।
